Sunday, 11 August 2019

कुछ बातों का मतलब यारो.......

हर बात कही जाये कहकर, हर वक्त मुनासिब नहीं होता।
कुछ बातों का मतलब यारों, कहकर समझाना नहीं होता॥
वो समझ भी जाये कहे बिना, जो कहना उनको हम चाहें।
है समझ हमारी तभी सही, बिन कहे बहुत कुछ कह जाऐं॥
जज्बातों के जज्बातों का, जज़्बात समझना नहीं होता।
हर बात कही जाये कहकर, हर वक्त मुनासिब नहीं होता॥
कुछ बातों का मतलब यारो.......

जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल
   10th अगस्त 2019

Tuesday, 30 July 2019

॥ तीन तलाक की विदायी ॥

जिसमें जगने का भान नहीं, वो जगते रहके सोता है।
जिसके अंदर इंसान नहीं, वो कायर होकर जीता है॥
कितनी पांचाली चीर हरित, कितनी होने की खातिर हैं।
कितने दुःशासन प्रबल अति, कितने होने को आतुर हैं॥
है प्रश्न वही, जो पहले था, कब अन्तर्मन पुलकित होगा।
क्या शेष रहेगा जीवन भी, जब तू ख़ुद में जीवित होगा॥
है हर अधर्म का अंत युद्द, हो चाहे फ़िर वो ख़ुद से ही,
मेरी मनसा गांडीव बनें, हूँ रोमांचित टंकार से ही॥
तू जाग छोड़ के निद्रा को, क्यों स्वप्न लोक में जीता है।
है आज़ जो तेरा पास तेरे, कल और किसी का होता है। 
जिसमें जगने का भान नहीं, वो जगते रहके सोता है।
जिसके अंदर इंसान नहीं, वो कायर होकर जीता है॥

               जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल
                    31 जुलाई 2019
॥ तीन तलाक की विदायी की सबको हार्दिक बधाई॥

Sunday, 19 May 2019

Election Lok Sabha 2019

अभी तो एग्ज़िट पोल खुला है,
ईवीएम का बाकी है।
जीत हुई तो सब सच्चा है,
हार का ईवीएम साथी है।
चमचों का तो नाम नाम बुरा है,
जात ही इनकी दागी है।
अभी तो एग्ज़िट पोल खुला है,
ईवीएम का बाकी है.......
ज़ारी है .........

जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल
   19th मई 2019

एग्ज़िट पोल विशेष, ध्यान रहे मैं मोदी भक्त हूँ गर्व है मूझे ऐसी भक्ति पर....

Sunday, 12 May 2019

मातृ दिवस 2019

माँ होना ख़ुद में एक शक्ति है, नहीं समझता की माँ से जादा शक्तिशाली इस ब्रह्मांड में कोई हो सकता है।
उम्र जैसे जैसे बढ़ रही, माँ के प्रति स्नेह के मायने बढ़ रहे, लगता है क्या कर जाऊं, क्या दे दूँ....
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मैं बिंदु मात्र था किंचित सा, पर आज़ अडिग हूँ पर्वत सा।
तेरे रहमो और कर्मों का, हूँ आज़ असर मैं सागर सा॥

॥ इस जगत की समस्त माताओं को मेरा दंडवत चरण स्पर्श॥
🙏 🙏 🙏 🙏 🙏 🙏

जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल
    12 मई 2019

Wednesday, 5 September 2018

!!Jai Gurudev!!

तुम श्रेष्ठ मेरे, तुम देव मेरे, तुम सारे पद से ऊपर हो।
हम किंचित हैं, हम कुंठित हैं, तुम इन सबके उपचारक हो॥
हर व्यर्थ कर्म के रोधक थे, हर सत्य कर्म के साधक थे।
हूँ आज़ अगर मैं जैसा भी, गुरुदेव तुम्ही ही तारक थे॥
सारी जड़ता का अंत किया, तुमही मेरे संचालक हो।
हम किंचित हैं, हम कुंठित हैं, तुम इन सबके उपचारक हो॥
था शून्य और संकुचित बहुत, तुमने मेरी परिभाषा दी।
परिभाषित कर, प्रस्फ़ुटित किया, तुमने ही मेरी व्याख्या की॥
तुम राम मेरे, तुम श्याम मेरे, तुम ही कण कण मे व्यापक हो।
हम किंचित हैं, हम कुंठित हैं, तुम इन सबके उपचारक हो॥

  ॥ शिक्षक दिवस की सबको मंगल कामनाएँ ॥
🙏इस ब्रह्मांड के समस्त शिक्षक जनों को मेरा दंडवत🙏

Saturday, 16 June 2018

Happy Father's Day 2K18

बदलते वक्त में क़ायम, है जिनका हर हुनर अपना ।
खुदी की मंजिलें हैं ये, था ख़ुद का रास्ता अपना ॥
कई जिंदगानिया दीं हैं, कई किस्से दिये गहरे ।
हमारे रक्त की लाली में, इनके रंग हैं गहरे ॥

॥ पितृ दिवस की मंगल शुभकामनाएं ॥
       जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल
             17th जून 2018

Sunday, 10 June 2018

॥ एक आँकलन ॥

वो हमसे पिछले 4 साल का हिसाब मांग बैठे,
जो 4 पीढियों से हमें लूटते आयें हैं !
ये कमबख्त कुर्सी भी क्या चीज़  है,
की सारे चोर एक साथ लड़ने आयें हैं !!
एक आँकलन...
॥ जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल ॥

।। जगत विधाता मोहन।।

क्यों डरना जब हांक रहा रथ, मेरा जगत विधाता मोहन... सब कुछ लुट जाने पर भी, सब कुछ मिल जाया करता है। आश बनी रहने से ही, महाभारत जीता जाता है।।...