Sunday, 19 June 2016

Happy Father's Day 2016

इस जीवन को जीना कैसे , मुझको है जिसने सिखलाया !
जिसने अपने बाकी सपने, सच करके मुझमें दिखलाया !!
हर बार मरूं हर बार जिउँ, पर मिलो मुझे तुम हर एक जनम !
मेरे मन के मेरे तन के, हर घाव का के थे तुम ही मरहम !!
बचपन से आज जवानी तक, इस उमर को मैं लो जी आया !
हर एक सफ़र को लांघ गया, हर राह में ही तुमको पाया !!
      जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल
Jitendra Shivraj Singh Baghel

पितृ दिवस की मंगल कामनाये

Monday, 23 May 2016

๐Ÿ˜”๐Ÿ˜”๐Ÿ˜”๐Ÿ˜”๐Ÿ˜”

तेरे दर्द को छू लेने की...
एक आदत मुझको है !
उस दर्द को अपनाने की...
बस चाहत मुझको है !!

Saturday, 7 May 2016

เคฎाँ ๐Ÿ™ เคฎाँ

मैं जो भी हूँ....
बस तेरी कला का एक प्रतीक ही तो हूँ !
कई मौसम आये....
कई चले गये....
मगर मैं अडिग, निर्भीक, निडर रहा...
मैं तेरी दुआओं का असर ही तो हूँ !!
कभी लगता है बदल दूँ ज़माना....
कभी लगता है ज़माने सा हो जाऊँ....
मगर खुद बदला नहीँ....
तेरे साहस की एक प्रमाणिकता ही तो हूँ !
मैं जो भी हूँ....
बस तेरी कला का एक प्रतीक ही तो हूँ !!

माँ 🙏....
हे ईश्वर !!
वो सौभाग्य प्रदान करना की नित माँ के चरणों को स्पर्श कर सकूं !!

जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल

Wednesday, 4 May 2016

เคฌीเคคे เคชเคฒ เคฎें, เคฎैं เค†เคœ เคœिเคฏूँ !

เคฌीเคคे เคชเคฒ เคฎें, เคฎैं เค†เคœ เคœिเคฏूँ  !
เคธเคฎเคूँ เค•्เคฏा เค‡เคธเค•ो เคชाเค—เคฒเคชเคจ  !!

เคนเคฐ เคฆเคฐ्เคฆ เค•ो เค–ुเคฆ เคฎเคฐเคนเคฎ เคธเคฎเคूँ ! 
เคชाเคŠँ เฅšैเคฐों เคฎें เค…เคชเคจाเคชเคจ !!

เคฎैं เคฒเฅž्เฅ› เค•เคนूँ เคฏा เคนोंเค  เคธिเค‰ँ !
เค…เคคि เคตिเคšเคฒिเคค เคนै เค”เคฐ เค•ुंเค िเคค เคฎเคจ !!

เค•िเคธเค•ो เค…เคชเคจा เคฏा เค—ैเคฐ เค•เคนूँ !
เคฏे เคธเคฎเค เคจ เคชाเคฏा เค…เคจ्เคคเคฐ्เคฎเคจ !!

เคœिเคคेเคจ्เคฆ्เคฐ เคถिเคตเคฐाเคœ  เคธिंเคน เคฌเค˜ेเคฒ 
เฅฆเฅซ/เฅฆเฅช เฅจเฅฆเฅงเฅฌ 
 

Friday, 18 March 2016

เคฆेเคถ เค•ो เคชैเค—ाเคฎ !!

क्या मेरे राम, मेरे यीशू , मेरे नानक और मेरे पैगम्बर ने यही पैगाम और सीख दी, की तुम मेरे खुद के प्रमाणों को न मानकर उनके प्रमाणों और धारणाओं को मानो जो मेरे प्रमाणों और वजूद का मजाक बनाकर, अपनी रोटी सेंक रहे !!
हर वो व्यक्ति जो समाज और व्यक्ति को धर्म और जाति के आधार पर महत्व देता है आप उसको महत्वहीन करदो, मैं नहीँ कहता की अपमानित करो, बस सम्मान करना छोड़ दो !!
👆
इतने भी नासमझ न हो जाओ,
की समझ भी आपको समझ न पाये !
खुद के इन्सान को जगाओ,
बस ये सोँचो की जमीं पे क्यों आये !!
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जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल
  18 th मार्च 2016

Saturday, 23 January 2016

!! เคถเคค เคถเคค เคจเคฎเคจ เคจेเคคा เคœी !!

सुभाष तू सुहाग है, वतन की आबरू भी है !
तेरे निशां गवाह हैं, बयाँ करूँ तो कम भी है !!
बदल दिया - बना दिया, वतन की आन बान को !
बना दिया मिसाल तू , लगा के अपनी जान को !!
तू  वीर था - सपूत था, वतन तेरा वजूद था !
तो लौट एक बार फ़िर, बना दे जो भी छोड़ा था !!
तेरी उपाधि आजकल, लिये फिरे हैं मतलबी !
जिन्हे नहीँ है कुछ पता, है क्या गलत और क्या सही !!
है रो रहा वतन मेरा, है रो रहा ये  दिल मेरा !
है टूट के बिखर रहा, क्यों आज़ ये वतन मेरा !!
😭😭😭😭😭😭😭😭😭
जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल
23rd जनवरी 2016
शत शत नमन नेता जी

Wednesday, 6 January 2016

เคคुเคฎ्เคนे เคฆेเค–ा เคฅा เคœเคฌ เคชเคนเคฒे !!

तुम्हे देखा था जब पहले, कसक सी एक हुई थी तब !
ज़माना लो कहाँ लाया, कसक वैसी है जैसी तब !!
तुम्हारी सादगी ही है, समझ जाओ मेरा गहना !
ये गहना ना कभी उतरे, बचा लेना मेरा सपना !!
किसी के दर्द को देखो, तो रोते हो बिलखते हो !
कई पहलू छुपाये हो, अकेले होके सहते हो !!
मेरी समझाइसें तुमको, रुला जातीं हैं जाने क्यों !
रखूं हँसता हुआ तुमको, यही दिल चाहता है क्यों !!
बड़ी मुद्दत से आये हो, कभी कहना ना जाने को !
कसम से रो पडूंगा मैं, नहीँ है कुछ गंवाने को !!
तुम्हे आना ही था मुझ तक, यकीं पहले से था मुझको !
सम्भाला था सम्भाला हूँ, मिलूंगा है यकीं खूदको !!
🌹🌹🌹🌹
जितेंद्र शिवराज सिंह बघेल

।। เคœเค—เคค เคตिเคงाเคคा เคฎोเคนเคจ।।

เค•्เคฏों เคกเคฐเคจा เคœเคฌ เคนांเค• เคฐเคนा เคฐเคฅ, เคฎेเคฐा เคœเค—เคค เคตिเคงाเคคा เคฎोเคนเคจ... เคธเคฌ เค•ुเค› เคฒुเคŸ เคœाเคจे เคชเคฐ เคญी, เคธเคฌ เค•ुเค› เคฎिเคฒ เคœाเคฏा เค•เคฐเคคा เคนै। เค†เคถ เคฌเคจी เคฐเคนเคจे เคธे เคนी, เคฎเคนाเคญाเคฐเคค เคœीเคคा เคœाเคคा เคนै।।...